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Friday, May 14, 2021

अक्षय तृतीया* (आखा तीज)_

_*अक्षय तृतीया* (आखा तीज)_, [वैशाख ]
उसका महत्व क्यों है और जानिए इस  दिन कि कुछ महत्वपुर्ण जानकारियाँ:
🕉 ब्रह्माजी के पुत्र *अक्षय कुमार* का अवतरण।
🕉 *माँ अन्नपूर्णा* का जन्म।
🕉 *चिरंजीवी महर्षी परशुराम* का जन्म हुआ था इसीलिए आज *परशुराम जन्मोत्सव* भी हैं।
🕉 *कुबेर* को खजाना मिला था।
🕉 *माँ गंगा* का धरती अवतरण हुआ था।
🕉 सूर्य भगवान ने पांडवों को *अक्षय पात्र* दिया।
🕉 महाभारत का *युद्ध समाप्त* हुआ था।
🕉 वेदव्यास जी ने *महाकाव्य महाभारत की रचना* गणेश जी के साथ शुरू किया था।
🕉 प्रथम तीर्थंकर *आदिनाथ ऋषभदेवजी भगवान* के 13 महीने का कठीन उपवास का *पारणा इक्षु (गन्ने) के रस से किया* था।
🕉 प्रसिद्ध तीर्थ स्थल *श्री बद्री नारायण धाम* का कपाट खोले जाते है।
🕉 बृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में *श्री कृष्ण चरण के दर्शन* होते है।
🕉 जगन्नाथ भगवान के सभी *रथों को बनाना प्रारम्भ* किया जाता है।
🕉 आदि शंकराचार्य ने *कनकधारा स्तोत्र* की रचना की थी।
🕉 *अक्षय* का मतलब है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो!!!
🕉 *अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है....!!!*

अक्षय रहे *सुख* आपका,😌
अक्षय रहे *धन* आपका,💰
अक्षय रहे *प्रेम* आपका,💕
अक्षय रहे *स्वास्थ* आपका,💪
अक्षय रहे *रिश्ता* हमारा 🌈
अक्षय तृतीया की आपको और आपके सम्पूर्ण परिवार को *हार्दिक शुभकामनाएं*

अक्षय तृतीया

आज अक्षय तृतीया(चन्दन यात्रा) की आप सबको बहुत बहुत बधाई !!

आज राजभोग पर श्रीराधारमण लाल जू चन्दन की पोशाकी धारण करेंगे। आज श्रीजी को 'सतु' का भोग धराया जाता हैं। यह भोग केवल अक्षय तृतीया पर ही लगाया जाता हैं।

श्रीठाकुर जी को इतनी गर्मी में शीतलता प्रदान करने के लिए आज (अक्षय तृतीया)से शरद पूर्णिमा तक राजभोग आरती बत्ती के स्थान पर पुष्पों से की जायेगी। 

आज से ही हमारे श्रीराधारमण जी अपने भक्तों को आनन्दित करने के लिए प्रतिदिन संध्या को गर्भ गृह से बाहर जगमोहन पर विराजेंगे।

श्रीराधारमण धरे हो चन्दन। 
बैसाख मास पावस तृत्य तिथि सुर मुनि करत हो वन्दन। 
प्रेम सीतल कपूर सो पायो छूटो सब विरह ताप सो बंधन। 
मंद हसि हसि लेप करत प्रिया भयो उष्ण मान को खंडन।  
'चैतन्यदास' जुगल छवि को निरखत करत सदा पद वंदन।

🙌🏼 श्रीराधारमण दासी परिकर 🙌🏼